
चुवाड़ी (चंबा)। केंद्र सरकार के अंतरिम बजट में पूर्व सैनिकों की लंबित मांग वन रैंक वन पेंशन को पूरा किए जाने की घोषणा से कार्यरत और सेवानिवृत्त सैनिकों में खुशी की लहर है। पूर्व सैनिक इस कदम को देर से लिया गया, मगर सही कदम मान रहे हैं। वहीं उनमें चुनावी साल के समय की गई इस घोषणा के लागू होने को लेकर भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। फिलहाल इस निर्णय से पूर्व सैनिकों के परिवारों में खुशी का माहौल है और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होने की उम्मीद जगी है। इस संबंध में ‘अमर उजाला’ ने जब पूर्व सैनिकों की प्रतिक्रिया ली तो अधिकर पूर्व सैनिकों ने इसे देर से लिया गया उचित कदम बताया। इस संबंध में नेवी से सेवानिवृत्त कमांडर दिनेश कुमार का कहना है कि यह पूर्व सैनिकों की बहुत पुरानी मांग है। सरकार ने यह अच्छा निर्णय लिया है। इसका पूर्व सैनिकों व उनके परिवारों को काफी फायदा होगा। थल सेना से सेवानिवृत्त कैप्टन सुभाष मनकोटिया का कहना है कि सरकार ने बजट में जो प्रावधान किया है, उसे देखकर ही पता चल पाएगा। उन्होंने कहा कि चुनावी साल में यह घोषण की गई है। अब देखना है कि किस तरह इसका लाभ दिया जाता है। थल सेना सेवानिवृत्त सूबेदार सुशील कुमार ने कहा कि उनकी यह मांग वर्ष 2006 से लंबित चल रही थी। उन्होंने कहा कि चुनावी साल में ही सही लंबे समय बाद एक अच्छा निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि अब बजट में क्या प्रावधान किया गया है, इसका पता तो इसके लागू होने पर ही चलेगा।
